शख़्सियत तो आनी-जानी है, परन्तु फ़ितरत की शाश्वता एक अचल कहानी है।
अभय, एक सफल हृदय रोग विशेषज्ञ! छोटे-छोटे पलों को जीवंत करने और मुस्कराहट के परदों में आंसुओं को भी, देखने में माहिर व्यक्तित्व का सीधा, सरल एवं सुलझा हुआ व्यक्ति। जिसके जीवन में सर्वाधिक महत्त्व उसके परिवार एवं अस्पताल में रोगों से लड़ते हुए उसके मरीज हैं।
मीरा, अपने माता-पिता की एकमात्र खुशी एवं उम्मीद। एक सफल एवं ईमानदार आर्किटेक्ट इंजीनियर, पर स्वभावतः बेहद हीं संवेदनशील। लोगों की मदद करने को सदैव आतुर रहना भी जिसके व्यक्तित्व का एक प्रमुख गुण है। परन्तु अपने अतीत में कुछ इस तरह उलझी हुई की वर्तमान में भी उसे शून्यता के अलावा और कुछ नहीं दिखता।
लक्षित, एक सिविल...