Error loading page.
Try refreshing the page. If that doesn't work, there may be a network issue, and you can use our self test page to see what's preventing the page from loading.
Learn more about possible network issues or contact support for more help.
Title details for Mansarovar--Part 1 (Hindi) by Premchand - Available

Mansarovar--Part 1 (Hindi)

ebook

मानसरोवर - भाग 1
अलग्योझा
ईदगाह
माँ
बेटोंवाली विधवा
बड़े भाई साहब
शांति
नशा
स्‍वामिनी
ठाकुर का कुआँ
घर जमाई
पूस की रात
झाँकी
गुल्‍ली-डंडा
ज्योति
दिल की रानी
धिक्‍कार
कायर
शिकार
सुभागी
अनुभव
लांछन
आखिरी हीला
तावान
घासवाली
गिला
रसिक संपादक
मनोवृत्ति
——————————
भोला महतो ने पहली स्त्री के मर जाने बाद दूसरी सगाई की तो उसके लड़के रग्घू के लिये बुरे दिन आ गये। रग्घू की उम्र उस समय केवल दस वर्ष की थी। चैन से गाँव में गुल्ली-डंडा खेलता फिरता था। माँ के आते ही चक्की में जुतना पड़ा। पन्ना रुपवती स्त्री थी और रुप और गर्व में चोली-दामन का नाता है। वह अपने हाथों से कोई काम न करती। गोबर रग्घू निकालता, बैलों को सानी रग्घू देता। रग्घू ही जूठे बरतन...

Formats

  • OverDrive Read
  • EPUB ebook

subjects

Languages

  • Hindi